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‘सेक्स करने से दुरुस्त होती है बुजुर्गों की दिमागी सेहत’

50 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों का शारीरिक संबंध बनाने का कनेक्शन सीधे-सीधे उनकी दिमागी सेहत से जुड़ा होता है। यह एक सर्वे में खुलासा हुआ है। सर्वे में सामने आया है कि जो बुजुर्ग अक्सर सेक्स करते हैं, उनका दिमाग अच्छे से काम करता है। सर्वे करने वालों ने पाया है कि जो लोग नियमित रूप से सेक्स संबंधित गतिविधियों में शामिल रहते हैं, उन्होंने सर्वे के लिए हुए मौखिक धाराप्रवाह और अन्य टेस्टों में अच्छा स्कोर हासिल किया है।

इंग्लैंड के कॉवेन्ट्री यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता हेली राइट ने बताया, ‘लोग यह सोचना भी पसंद नहीं करते कि बुजुर्ग लोग शारीरिक संबंध बनाते हैं, लेकिन सामाजिक स्तर पर इस अवधारणा को चुनौती देने की जरूरत है और यह देखना होगा कि 50 से ज्यादा उम्र के व्यक्ति के सेक्स संबंधित गतिविधियों में शामिल रहने पर क्या असर होता है।’ यह शोध Journals of Gerontology, Series B: Psychological and Social Sciences में प्रकाशित हुआ है। इसके लिए 50 से 83 साल की उम्र के बीच के 73 बुजुर्गों पर सर्वे किया गया। सर्वे में प्रतिभागियों से पूछा गया था कि वे पिछले 12 महीने में कितनी बार शारीरिक संबंध से संबंधित गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इसके लिए उन्हें तीन ऑप्शन दिए गए थे, एक बार भी नहीं, महीने में एक बार और सप्ताह में एक बार। इसके साथ ही उनके स्वास्थ्य और जीवनशैली से संबंधित जनरल सवाल पूछे गए।

सर्वे में शामिल होने वाले बुजुर्गों के दिमागी फंक्शन को अलग-अलग पैमाने के तहत मापा गया। इसके लिए उन्हें मौखिक धाराप्रवाह टेस्ट में भी हिस्सा लिया। इसके तहत उन्हें एक मिनट में जितना संभव हो सके, उतने जानवरों का नाम बताना था। इसके बाद उन्हें ‘एफ’ से शुरू होने वाले शब्द बताने थे। सर्वे में बताया गया है कि इससे उनकी उच्च संज्ञानात्मक क्षमताएं जाहिर होती हैं। दूसरा जटिल डिजाइन की प्रतिलिपि बनाने का टेस्ट हुआ था। इन दोनों टेस्ट में सबसे ज्यादा अधिक स्कोर उन्होंने बनाया, जिन्होंने हर सप्ताह यौन संबंध बनाए हैं।

कॉवेन्ट्री और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालयों के शोधकर्ता ने कहा कि शोध से पता चलता है कि जैविक तत्व, डोपामाइन और ऑक्सीटोसिन जैसे तत्व यौन संबंध बनाने से दिमाग को प्रभावित करते हैं। आगे कहते है, ‘हम केवल यह सोच सकते हैं कि यह सामाजिक या भौतिक तत्वों द्वारा संचालित होता हैं लेकिन यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें हम आगे शोध करना चाहते हैं।’

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