चोटिल रॉस टेलर ने दर्द को सहते हुए नाबाद 181 रन की यादगार पारी खेलकर न सिर्फ न्यूजीलैंड को इंग्लैंड के खिलाफ चौथे वनडे मैच में जीत दिलाई, बल्कि सीरीज को भी 2-2 की बराबरी पर ला दिया। टेलर 147 गेंदों पर 17 चौकों और दो छक्कों से सजी अपनी पारी के दूसरे भाग में लगभग हर शॉट के बाद दर्द से कराहते नजर आए।
टेलर जांघ में चोट के कारण लंगड़ाकर भी चल रहे थे, लेकिन उन्होंने जुझारू क्षमता दिखाते हुए करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। इसके चलते इंग्लैंड के 50 ओवर मे नौ विकेट पर 335 रन के रन के जवाब में न्यूजीलैंड ने 49.3 ओवर में पांच विकेट पर 339 रन बनाकर मैच जीता। सीरीज का अंतिम मैच शनिवार को क्राइस्टचर्च में होगा।
न्यूजीलैंड को जीत दिलाकर जब टेलर मैदान से बाहर जा रहे थे तो उनकी आंखों में आंसू थे और दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। टेलर ने रहस्योद्घाटन किया कि मेडिकल स्टाफ ने उन्हें दर्द के कारण रिटायर होने का विकल्प भी दिया था। टेलर ने इस पारी के बाद कहा, ‘मैं खुश हूं कि मैंने क्रीज पर डटे रहने का फैसला किया।’ न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने भी टेलर की पारी को ‘वनडे की महान पारियों में से एक’ माना।
टेलर ने करियर का 19वां वनडे शतक जड़ा। उनकी इस पारी के सामने इंग्लैंड का शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन भी फीका पड़ गया, जिसमें जॉनी बेयरस्टो (138 रन, 106 गेंद, 14 चौके, 07 छक्के) और जो रूट (102 रन, 101 गेंद, 06 चौके, 02 छक्के) ने शतक जड़े। हालांकि, 38वें ओवर तक इंग्लैंड ने एक विकेट पर 267 रन बना लिए थे, लेकिन बेयरस्टो के आउट होने के बाद टीम ने 21 रन के अंदर छह विकेट गंवा दिए। इसके बावजूद इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन आश्वस्त थे कि उनकी टीम का शानदार बल्लेबाजी क्रम दोबारा असफल नहीं होगा।
लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत निराशाजनक रही, जब मार्टिन गुप्टिल और कोलिन मुनरो खाता खोले बिना ही चलते बने। विलियमसन और टेलर ने 84 रन जोड़े। इस साझेदारी को बेन स्टोक्स ने विलियमसन को 45 के निजी स्कोर पर 17वें ओवर में आउट कर तोड़ा। टेलर और टॉम लाथम (71) ने चौथे विकेट के लिए 187 रन जोड़े।
टेलर को जब चोट लगी तब वह 109 रन पर थे। उन्हें रन आउट से बचने के लिए डाइव लगानी पड़ी, जिससे उनकी जांघ की मांसपेशियों में आया खिंचाव बढ़ गया। इस चोट के कारण वह सीरीज के पिछले मैच में भी नहीं खेल पाए थे, लेकिन उन्होंने बाउंड्री लगाने पर ध्यान दिया, जिससे न्यूजीलैंड को अंतिम 10 ओवर में जीत के लिए 80 रन की दरकार थी। अंतिम ओवर में न्यूजीलैंड को जीत के लिए तीन रन चाहिए थे और हेनरी निकोलस ने टॉम कुर्रन की गेंद पर छक्का जड़कर जीत सुनिश्चित की।